Wednesday, 19 October 2016

घर छोड़ कब्रिस्तान में मंत्री


अरे भईया हम इतने दिनों से बेवजह ही परेशान है कि किसान कर्जे से और मुआवजा नहीं मिलने से मर रहे है| लेकिन गृह मंत्री ने जद्दोजहद के बाद पता लगा ही लिया कि किसानों को भूत-प्रेत मार रहे है| चलो हमें कुछ पता तो चला, और क्यों न हो भला मंत्रीजी इसका पता लगाने घर के सारे काम छोड़कर कब्रिस्तान की और चल दिए| 
देखों आपको तो पता ही है कि घर का काम कितना ज्यादा होता है और ऊपर से गृह मंत्री तो दुगना काम| लेकिन मंत्रीजी का खून उबाल मारा साला घर का काम तो ख़त्म ही नहीं होता, बहुत दिनों से मीडिया चर्चा में भी नहीं आये| कहीं जनता हमें भूल न जाये इसलिए मंत्रीजी ने कदम बढ़ाया और कब्रिस्तान पहुंच गए| उन्हें खुद पता नहीं की वो कब्रिस्तान क्यों आये| इसमें इनकी भी कोई गलती नहीं हे अब सरकारी नशा होता ही ऐसा है| मंत्रीजी ने सोचा कि जब कब्रिस्तान आ ही गए है तो कुछ काम कर लिया जाये| 
आपको तो पता है इनसे आराम नहीं होता, काम करने के लिए तो तत्पर रहते है| तो बस जाँच-पड़ताल शुरू कर पता लगाया कि कुछ मरे हुए नेताओं की प्रेत-आत्मा किसानों को मार रही है| लेकिन मंत्रीजी को पता नहीं है कि जीवित नेता तो किसानों को....| खैर छोड़ो मजे की बात तो ये है कि भूत-प्रेत किसान को मार रहे है, ऐसा कहना है हमारे मंत्रीजी का| ये बात जैसे ही किसानों को पता चली उनके बीच हडकंप मच गया| किसान परेशान हो गए कि हमें जो लाखों-करोडों का मुआवजा मिला है कहीं वो सरकार को वापस न देना पड़े| क्योंकि ये पैसा जबसे किसानों को मिला है वे आराम की जिन्दगी जीने लगे है और खेती करना भी छोड़ दिया है| स्वभाविक सी बात है कि मंत्री जी का खून तो उबाल मरेगा ही इसलिए वो सच्चाई को सामने लेकर आ रहें है| 
सरकार जनता के लिए नौकरों की तरह काम करके पैसा जुटाती है, वो क्यों चाहेगी कि पैसा गलत हाथ में जाये| खैर जनता को एक बात समझ लेनी चाहिये गृह मंत्री घर छोड़ बाहर निकल चुके है और कुछ तो कर रहे है|

गणेश जी का सीक्रेट इंटरव्यू

अप्पी लेलो झप्पी लेलो ......

अभी-अभी सूत्रों के मुताबिक एक सनसनीखेज खबर सामने आई है, इस गणेश चतुर्थी पर गणेश जी ने आने से मना कर दिया है! कि इस बार मैं दस दिन तो क्या एक दिन के लिए भी नहीं बैठूँगा! ये घटना हमारे रिपोर्टर को जैसे ही पता चली तुरंत गणेश जी के इंटरव्यू को चल दिए और बातचीत के दौरान गणेश जी ने 'न' आने की वजह बताई कि मैं क्यों 'आऊ' | मेरे गानों से ज्यादा हनी सिंह की आवाज मेरे कानों में गुंजती है, यहाँ तक की मुझे जो भोग लगाया जाता है पूरा मिलावटी होता है, पिछली बार मेरा पेट खराब हो गया था
ये तो फिर भी ठीक है। मुझे गर्ल्स होस्टल में बिठाया गया और जब दसवें दिन मुझे भेजते हुए लड़कियां जो नारे लगा रही थी कि “अप्पी लेलो झप्पी लेलो गणेश जी की पप्पी लेलो” वो भी समाज के सामने ये तो उससे भी बुरा था. अरे अपनी भी एक छवि है यार , और ये छवि दिखावटी लोगों की तरह महिलाओं के पैर छू कर नहीं बनाई है |
ये तो हुई घर की बात, बाहर जहाँ स्टेज लगा कर मुझे बिठाया जाता है वहां मेरे बारे में बात तक नही होती ...कुछ लोग तो मौका ढूंढते थे कि कब गणेश जी बैठे और हम समाज को दिखा सकें कि हम कितना काम कर रहे हैं कुछ लोग तो मेरे सामने वो खाकी चड्डा पहनकर ही जय श्री राम के नारे लगाने लगते हैं इन्हे दिखावा करने की आदत है इसलिए ये पेंट नहीं पहनते कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो पूरे साल तो सोये रहते हैं लेकिन जैसे ही गणेश जी आये वो भी एकदम से जाग जाते हैं उन्हें पता है कि गणेश की पूजा में लोग आएंगे ही उन्हें वही समझाईश दे देंगे घर घर कौन जायेगा। सारी परेशानियों का हल मंच से ही कर देंगे बस फिर क्या है भाषण बजी आरंभ हो जाती है गरीबों के बारे में हम सोच रहें है, काले धन को वापस लाने की कोशिश की जा रही है, महंगाई कम हो इस पर विचार कर रहे हैं लेकिन हाँ ये बात अच्छी है कि ये लोग कुछ काम कर रहे हैं इतना काम करते हुए में किसी को नहीं देख सकता, पिछली बार भी यह सब सुनकर मेरी आँखों में आंसू आ गए थे कि बिचारे कितना तो काम करते हैं आखिर कोई अपनी जिंदगी में इतना काम कर कैसे सकता है , बस यही सब मुझसे दोबारा देखा नहीं जायेगा इसलिए कह दो कि में नहीं आऊंगा ,मेरे मन में भी कुछ करने की इच्छा है इसलिए मैं विदेश यात्रा पर जा रहा हूँ और सबसे पहले पाकिस्तान जाऊंगा |