Saturday, 13 May 2017

परिवार के लिए छोड़ी गद्दी

राजगद्दी सभी को प्यारी होती है, जो राजनीति में नहीं है उन्हें भी और जो राजनीति में है उनमे तो इतनी कूबत है कि बैठ जाए तो कुर्सी के चारों पाए ताड़ दे। इन सभी को कुर्सी की एक टांग भी मिल जाए तो उसके सहारे पूरी जिंदगी काट ले। अब आपको इस कुर्सी की अहमियत तो पता चल ही गई होगी। यदि कोई राजगद्दी पर बैठा है तो वह कोशिश करता है कि बची हुई जगह में पूरा परिवार बैठ जाए। लेकिन न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री तो कुर्सी छोड़कर परिवार वालों के पास ही चले गए। भला ऐसा कौना सा प्रधानमंत्री है जो परिवार के लिए कुर्सी छोड़ दें। लेकिन क्या करें ये विदेशी नेता होते ही ऐसे है। जब कुर्सी छोड़नी थी तो राजनीति में आए ही क्यों। ये ऐसे ही उल्टे-सीधे फैसले ले लेते है इनको समझ ही नहीं आता, कहीं यं बुरी आदतें हमारे नेताओं को न लग जाए। इसलिए इनके परिवार वालों ने तो कहना भी बंद कर दिया कि हमें आपकी याद आ रही है। परिवार वालों का तो कहना है कि एक मिनिट भी मत गवाओं हमारी छोड़ो बस विकास पर ध्यान दो। हमारे यहां के नेता परिवार वालों से बहुत जल्दी प्ररित हो जाते है और बस विकास कार्यो में ही लगे रहते है। अरे ये विदेशी नेता कितना भी कुछ कर ले लेकिन इस तरह का कोई भी बुरा असर हमारे नेताओं पर नहीं पड़ने वाला। सायद उन्हें पता नहीं है कि हमारे नेता दीमक से प्रेरित है। शरीर साथ दे न दे लेकिन जब तक जुबान साथ दे रही है समझो कुर्सी जिन्दाबाद।

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