आई सर्जिकल स्टाइक की आंधी
ऐसा है कि सर्जिकल स्ट्राइक नाम की आंधी ने राजनेता नामक रूपी कचरे को बहुत बुरा उड़ाया है। ये राजनीतिक कचरा चीख-चीख कर कह रहा है कि हम जैसे कचरों की वजह से ही तो ये आंधी आई है। यदि आंधी में कचरा ही नहीं दिखेगा तो वह आंधी किस काम की। इस आंधी को लाने के जो असली हकदार है उन्हें भूलकर सारा श्रेय इन राजनेताओं ने ले लिया ह और लग गए एक-दूसरे पर बरसने। इसमें एक कचरा सबसे आगे उड़ रहा है क्योंकि उसका उसका गला साफ और खांसी बंद हो गई है इसका फायदा उठाते हुए बोल पड़ा कि ये आंधी हम नहीं लाए तो तुम भी नहीं लाए। यदि लाए हो तो दिखाओ सबूत। इस पर दूसरे कचरे का खून खौल गया और वह अपनी मां से बोला कि मैं भी कुछ बोल दूं मां ने कहा बेटा तुने आज तक तो कोई झंडे़ नहीं गाडे़। लेकिन बोलना तो जरूरी है खबरों में बने रहने के लिए। फिर क्या था मां का आशीर्वाद मिलते ही बोल दिया कि ये आंधी जिनकी वजह से आयी है सत्ता में रहने वाले उनके खूनकी दलाली कर रहें है। बस फिर सारे कचरे आपस में युद्ध कर गंदगी फैला रहे थे। लेकिन उसमें से एक कचरा स्वच्छ भारत का मसीहा था, तो उसने स्वच्छता का हवाला देते हुए सभी कचरों को डस्टबिन में डाल दिया। अब बचे ये अकेले इसका मतलब ये हुआ कि सर्जिकल स्ट्राइक की आंधी ये लाएं थे।
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